वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह राशि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 15वें वित्त आयोग के आवंटन के अनुसार केंद्रीय करों के हिस्से के अनुपात में आवंटित की गई है। मंत्रालय के मुताबिक पूंजीगत खर्च से खासतौर पर गरीबों और अप्रशिक्षित कामगारों के लिए रोजगार की राह निकलती है।https://ift.tt/2sd34gp
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