https://wwp.hrdondo.com/redirect-zone/a15a6bce प्रदूषण कम करने के लिए कागजों पर बनती हैं योजनाएं, गंभीरता से नहीं हो रहा अमल, सांस लेना मुश्किल
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का अपेक्षित स्तर कम नहीं होना चिंताजनक है। तीन वर्ष से किए जा रहे प्रयास के बावजूद दिल्ली में कमोबेश हर नागरिक प्रदूषित हवा में ही सांस लेने को मजबूर है। योजनाएं तो बहुत हैं लेकिन गंभीरता से उन पर अमल नहीं हो पा रहा है।

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