https://wwp.hrdondo.com/redirect-zone/a15a6bce Pandit Jasraj Passes Away: संकीर्तन परंपरा और अष्टछाप गायिकी का युगांत
Pandit Jasraj Passes Away भक्ति रस के आरंभिक ग्रंथ ‘उज्ज्वल नीलमणि’ को जैसे व्यावहारिक तौर पर जसराज जी ने अपनी कला-साधना का पाथेय बना डाला था।

from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/3h6wc0V Pandit Jasraj Passes Away भक्ति रस के आरंभिक ग्रंथ ‘उज्ज्वल नीलमणि’ को जैसे व्यावहारिक तौर पर जसराज जी ने अपनी कला-साधना का पाथेय बना डाला था।

Post a Comment

Previous Post Next Post